Hello / नमस्ते,
मैं आपका दोस्त विशाल अनुरागी आज लेकर आया हूँ एक नया टॉपिक “टॉपर कैसे बनें?” (Topper Strategy, Mindset और Study Plan )। यदि आप Step-by-Step Free में सब कुछ सीखना चाहते हैं तो बने रहिए हमारे साथ।
हर विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहता है। बहुत से विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में 90% या 95% से अधिक अंक लाने का सपना भी देखते हैं। लेकिन उनके मन में एक प्रश्न बार-बार आता है—टॉपर कैसे बनें?
क्या Topper बनने के लिए दिन-रात पढ़ना जरूरी है? क्या केवल तेज दिमाग वाले विद्यार्थी ही Topper बन सकते हैं? क्या सामान्य या औसत विद्यार्थी कभी कक्षा में Top नहीं कर सकता?
“तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।”
Topper बनने के लिए जन्म से असाधारण बुद्धिमान होना जरूरी नहीं है। Topper वह विद्यार्थी बनता है जो अपने लक्ष्य को समझता है, सही योजना बनाता है, नियमित अभ्यास करता है और अपनी गलतियों को सुधारता रहता है।
सिर्फ मेहनत करना पर्याप्त नहीं है। मेहनत सही दिशा में और सही तरीके से होनी चाहिए।
Topper बनने का सरल सूत्र है—स्पष्ट लक्ष्य, सही योजना, नियमित अभ्यास, Revision, Test और सुधार।
इस लेख में हम सरल हिंदी में समझेंगे कि एक विद्यार्थी सही Mindset, Smart Study Strategy और Daily Study System अपनाकर अपने प्रदर्शन को कैसे बेहतर बना सकता है। तो चलिए जानते हैं कैसे ?
1. टॉपर बनने के लिए स्पष्ट लक्ष्य बनाइए
किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले उसकी मंजिल पता होनी चाहिए। इसी प्रकार पढ़ाई शुरू करने से पहले विद्यार्थी को अपना लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।
केवल यह कहना कि “मुझे अच्छे अंक चाहिए” एक स्पष्ट लक्ष्य नहीं है।
आपका लक्ष्य ऐसा होना चाहिए:
मेरा लक्ष्य बोर्ड परीक्षा में 95% से अधिक अंक प्राप्त करना है।
इसके बाद प्रत्येक विषय के लिए अलग लक्ष्य निर्धारित कीजिए:
- गणित—98 अंक
- विज्ञान—97 अंक
- अंग्रेजी—95 अंक
- सामाजिक विज्ञान—92 अंक
- हिंदी—95 अंक
अपने लक्ष्य को एक कागज पर बड़े अक्षरों में लिखकर Study Table या कमरे की दीवार पर लगाइए:
MY TARGET = 95%+ 🎯
लिखा हुआ लक्ष्य आपको प्रतिदिन अपनी प्राथमिकता और जिम्मेदारी की याद दिलाता है।
बड़े लक्ष्य को छोटे लक्ष्यों में बाँटें
- वार्षिक लक्ष्य: परीक्षा में 95%+ अंक
- मासिक लक्ष्य: छह महत्त्वपूर्ण Chapters पूरे करना
- साप्ताहिक लक्ष्य: दो Chapters और एक Practice Test
- दैनिक लक्ष्य: एक Topic और 20 प्रश्न
जब बड़ा लक्ष्य छोटे कार्यों में बाँट दिया जाता है, तो उसे प्राप्त करना आसान हो जाता है।
2. Topper Mindset विकसित कीजिए
टॉपर की सफलता केवल उसकी किताबों या टाइमटेबल में नहीं होती। उसकी सफलता सबसे पहले उसकी सोच में दिखाई देती है।
टॉपर यह नहीं सोचता कि वह हर विषय में पहले से अच्छा है। वह मानता है कि मेहनत, अभ्यास और सही मार्गदर्शन से वह बेहतर बन सकता है।
गलत सोच और सही सोच
|
गलत सोच |
Topper की सोच |
|
मुझसे गणित नहीं होता। |
मुझे गणित में अधिक अभ्यास चाहिए। |
|
यह Chapter बहुत कठिन है। |
मैं इसे छोटे हिस्सों में समझूँगा। |
|
मेरे अंक कभी नहीं बढ़ेंगे। |
सही रणनीति से मैं सुधार कर सकता हूँ। |
|
कम अंक आना असफलता है। |
कम अंक मुझे सुधार की दिशा बताते हैं। |
|
बाकी विद्यार्थी मुझसे बेहतर हैं। |
मुझे अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर बनना है। |
विद्यार्थी को अपने मन में यह विश्वास रखना चाहिए:
“मैं अभी Perfect नहीं हूँ, लेकिन नियमित अभ्यास से बेहतर बन सकता हूँ।”
इसी सोच को Growth Mindset कहा जाता है।
3. Motivation नहीं, Discipline पर भरोसा कीजिए
Motivation हर दिन एक जैसा नहीं रहता। किसी दिन पढ़ने का बहुत मन करता है और किसी दिन बिल्कुल नहीं करता।
यदि विद्यार्थी केवल Motivation आने का इंतजार करता रहेगा, तो उसकी पढ़ाई नियमित नहीं हो पाएगी।
Discipline का अर्थ है—मन हो या न हो, अपने निर्धारित समय पर आवश्यक काम करना।
Discipline विकसित करने के तरीके
- पढ़ाई का निश्चित समय रखें।
- पढ़ाई के लिए एक निश्चित स्थान चुनें।
- शुरुआत छोटे Study Session से करें।
- रोज़ केवल तीन महत्त्वपूर्ण Tasks लिखें।
- काम पूरा होने पर उसके सामने Tick लगाएँ।
- एक दिन खराब होने पर पूरी योजना न छोड़ें।
- अगले दिन दोबारा शुरुआत करें।
Motivation शुरुआत कराता है, लेकिन Discipline मंजिल तक पहुँचाता है।
4. Syllabus और Exam Pattern को समझिए
बिना Syllabus समझे पढ़ाई करना ऐसा है जैसे बिना Roadmap ( नक्शे ) के यात्रा करना।
सबसे पहले सभी विषयों का पूरा Syllabus लिखिए या उसका Printout निकालिए। इसके बाद प्रत्येक विषय के Chapter को तीन भागों में बाँटिए:
Strong Chapter
Chapter के Concepts स्पष्ट हैं और प्रश्न भी हल हो जाते हैं। ऐसे Chapters का नियमित Revision करना चाहिए।जिस
Average Chapter
जिसकी सामान्य जानकारी है, लेकिन कठिन प्रश्नों में समस्या होती है। इसके लिए Concept और Question Practice दोनों आवश्यक हैं।
Weak Chapter
जिस Chapter के Basic Concepts भी स्पष्ट नहीं हैं। इसे शुरुआत से समझना और शिक्षक की सहायता लेना जरूरी है।
|
Chapter की स्थिति |
क्या करें? |
|
Strong |
नियमित Revision और Test |
|
Average |
Concept समझें और प्रश्न हल करें |
|
Weak |
Basic से पढ़ें और सहायता लें |
इसके साथ Previous-Year Papers और Sample Papers भी देखें। इससे आपको पता चलेगा कि :
- प्रश्न किस प्रकार पूछे जाते हैं?
- कौन-से Chapters अधिक महत्त्वपूर्ण हैं?
- उत्तर कितनी गहराई से लिखना है?
- पेपर में समय कैसे बाँटना है?
- कौन-से प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं?
5. Monthly, Weekly और Daily Study Plan बनाएँ
एक अच्छा Study Plan विद्यार्थी को बताता है कि उसे कब, क्या और कितना पढ़ना है।
Monthly Plan
- इस महीने कौन-से Chapters पूरे करने हैं?
- कितने Chapters का Revision करना है?
- कितने Practice Tests देने हैं?
- कौन-से कमजोर विषय में सुधार करना है?
Weekly Plan
- इस सप्ताह कौन-से Topics पढ़ने हैं?
- किस दिन Question Practice करनी है?
- किस दिन पुराने Chapters दोहराने हैं?
- Weekly Test कब देना है?
Daily Plan
प्रतिदिन केवल एक से तीन सबसे जरूरी कार्य लिखें।
उदाहरण:
- गणित के 20 प्रश्न हल करना।
- विज्ञान का एक Concept समझना।
- इतिहास के दो उत्तर लिखकर याद करना।
बहुत लंबी To-do List बनाने से विद्यार्थी भ्रमित हो सकता है। इसलिए पहले सबसे महत्त्वपूर्ण काम पूरे करें।
6. पढ़ाई के घंटे नहीं, Output गिनिए
कई विद्यार्थी कहते हैं—“मैंने आज पाँच घंटे पढ़ाई की।”
लेकिन असली प्रश्न यह है कि उन पाँच घंटों में आपने पूरा क्या किया?
अस्पष्ट लक्ष्य
आज पाँच घंटे पढ़ूँगा।
स्पष्ट लक्ष्य
- गणित के 25 प्रश्न हल करूँगा।
- विज्ञान का एक Chapter दोहराऊँगा।
- अंग्रेजी के दो उत्तर लिखूँगा।
- भूगोल का एक Map तैयार करूँगा।
घंटों की संख्या से अधिक महत्त्वपूर्ण आपका Learning Output है।
दिन समाप्त होने पर स्वयं से पूछिए:
- मैंने क्या समझा?
- मैंने क्या याद किया?
- मैंने कितने प्रश्न स्वयं हल किए?
- मैं बिना किताब देखे कितना बता सकता हूँ?
7. कठिन विषय सही समय पर पढ़िए
दिन के जिस समय आपका ध्यान और ऊर्जा सबसे अधिक हो, उस समय कठिन विषय पढ़ना चाहिए।
अगर सुबह आपका Focus अच्छा रहता है, तो उस समय गणित, विज्ञान या किसी कमजोर विषय का अभ्यास कीजिए।
कम ऊर्जा वाले समय में आप ये काम कर सकते हैं:
- Short Notes देखना
- Formula Revision
- Maps का अभ्यास
- पुराने उत्तर पढ़ना
- अगले दिन की Planning
अपना सबसे अच्छा समय केवल आसान विषयों में खर्च न करें।
8. Smart Study का सही तरीका अपनाइए
टॉपर केवल किताब को बार-बार नहीं पढ़ता। वह पढ़ने के बाद स्वयं को जाँचता भी है।
किसी Topic को सीखने के लिए यह Formula अपनाइए:
Read → Recall → Write → Check
Read—समझकर पढ़िए
Topic को ध्यान से पढ़ें। कठिन शब्दों का अर्थ समझें तथा Examples और Diagrams की सहायता लें।
Recall—बिना देखे याद कीजिए
किताब बंद करके स्वयं से प्रश्न पूछें:
- इस Topic का मुख्य विचार क्या है?
- इसके मुख्य Points कौन-से हैं?
- क्या मैं इसे आसान भाषा में समझा सकता हूँ?
Write—लिखकर अभ्यास कीजिए
उत्तर, Formula, Diagram या Numerical को बिना देखे लिखने का प्रयास करें।
Check—उत्तर जाँचिए
अपने उत्तर को किताब या सही Solution से मिलाइए। गलती मिलने पर उसे सुधारिए।
बार-बार पढ़ने से परिचित होने का भ्रम हो सकता है, लेकिन बिना देखे याद करना वास्तविक तैयारी की जाँच करता है।
9. Active Recall का प्रयोग कीजिए
Active Recall का अर्थ है—किताब बंद करके अपने मस्तिष्क से जानकारी निकालने का प्रयास करना।
उदाहरण:
- पढ़ने के बाद पाँच प्रश्न स्वयं से पूछना
- Topic को बोलकर समझाना
- खाली कागज पर मुख्य Points लिखना
- Flashcards का प्रयोग करना
- किसी मित्र को Chapter पढ़ाना
- बिना देखे Diagram बनाना
Active Recall से विद्यार्थी को जल्दी पता चल जाता है कि उसे वास्तव में क्या याद है और किस हिस्से पर दोबारा काम करना है।
10. छोटे और उपयोगी Notes बनाइए
Notes बनाने का अर्थ पूरी किताब को दोबारा लिखना नहीं है।
अच्छे Notes में केवल जरूरी जानकारी होनी चाहिए:
-
मुख्य Keywords
-
Formulas
-
Definitions
-
महत्त्वपूर्ण Dates
-
Diagrams
-
महत्वपूर्ण Questions
-
कठिन Facts
-
Chapter का One-Page Summary
अलग-अलग विषयों के लिए ये Sheets बनाई जा सकती हैं:
-
Mathematics Formula Sheet
-
Science Diagram Sheet
-
History Dates Sheet
-
Geography Map List
-
Grammar Rules Sheet
ऐसे Notes परीक्षा से पहले Quick Revision में बहुत उपयोगी होते हैं।
11. 1–7–30 Revision Rule अपनाइए
एक बार पढ़ने के बाद Revision न करने पर जानकारी धीरे-धीरे भूलने लगती है।
इसे रोकने के लिए 1–7–30 Revision Rule अपनाया जा सकता है:
- पहला Revision: एक दिन बाद
- दूसरा Revision: सात दिन बाद
- तीसरा Revision: तीस दिन बाद
Revision के समय केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है। स्वयं से प्रश्न पूछना, बिना देखे उत्तर याद करना और पुराने प्रश्न हल करना भी जरूरी है।
अगर किसी Topic में बार-बार गलती हो रही है, तो उसके लिए अतिरिक्त Revision रखें।
पढ़ना जानकारी देता है, लेकिन Revision उसे लंबे समय तक याद रखने में सहायता करता है।
12. लिखकर Question Practice कीजिए
परीक्षा में उत्तर लिखना होता है, केवल मन में पहचानना नहीं।
इसलिए:
- गणित के प्रश्न स्वयं हल करें।
- Science Numericals का लिखित अभ्यास करें।
- Languages के उत्तर समय लगाकर लिखें।
- Social Science के उत्तर Point-wise लिखें।
- Diagrams और Maps का अभ्यास करें।
- उत्तर लिखने के बाद उसे जाँचें।
केवल Solution देखकर यह मत मानिए कि उत्तर आपको आता है। Solution बंद करके उसे स्वयं हल कीजिए।
13. हर सप्ताह Test दीजिए
Test विद्यार्थी की तैयारी का वास्तविक स्तर बताता है।
हर सप्ताह एक Chapter Test या Mixed Test दीजिए। रविवार को Topper Test Day बनाया जा सकता है।
Test देते समय:
- Timer लगाएँ।
- किताब और Notes बंद रखें।
- वास्तविक परीक्षा जैसा वातावरण बनाएँ।
- निर्धारित समय में Paper पूरा करें।
- अंत में उत्तरों की जाँच करें।
बिना Test के तैयारी केवल अनुमान है।
Test का उद्देश्य केवल अंक पाना नहीं है। इसका उद्देश्य परीक्षा से पहले अपनी कमियों को पहचानना है।
14. Mistake Notebook बनाइए
हर विद्यार्थी से गलतियाँ होती हैं। टॉपर की विशेषता यह नहीं है कि उससे कभी गलती नहीं होती। उसकी विशेषता यह है कि वह अपनी गलतियों को समझता है और उन्हें दोहराने से बचता है।
Mistake Notebook में चार बातें लिखिए:
- गलती क्या हुई?
- गलती क्यों हुई?
- सही तरीका क्या है?
- यह गलती दोबारा न हो, इसके लिए क्या करना है?
उदाहरण
- गलती: गणित में गलत Formula लगाया।
- कारण: Formula ठीक से याद नहीं था।
- सही तरीका: सही Formula और पूरा Solution लिखना।
- सुधार: रोज़ Formula दोहराना और पाँच प्रश्न हल करना।
गलतियों के कुछ सामान्य प्रकार:
- Concept की गलती
- Calculation की गलती
- प्रश्न ठीक से न पढ़ना
- उत्तर अधूरा छोड़ना
- Spelling की गलती
- Time Management की समस्या
- खराब Presentation
Test Analysis Formula
Test → Check → Identify → Improve → Retest
15. Mobile और Distractions को नियंत्रित कीजिए
पढ़ाई में ध्यान न लगने का एक बड़ा कारण बार-बार Mobile देखना है।
Focus बढ़ाने के लिए:
- पढ़ाई के समय Notifications बंद रखें।
- फोन को Study Table से दूर रखें।
- Social Media के लिए निश्चित समय बनाएँ।
- एक समय में केवल एक काम करें।
- अनावश्यक Study Videos बदलते न रहें।
- 25 मिनट पढ़ाई और 5 मिनट ब्रेक वाली Pomodoro Technique अपनाएँ।
Break में Short Videos देखने से बचें। पाँच मिनट का ब्रेक आसानी से आधे घंटे में बदल सकता है।
फोन पास होगा, तो ध्यान भी बार-बार उसके पास जाएगा।
16. नींद और स्वास्थ्य का ध्यान रखिए
कम सोकर लगातार पढ़ना अच्छी Topper Strategy नहीं है।
पर्याप्त नींद से:
- याददाश्त बेहतर होती है।
- ध्यान लगाने में सहायता मिलती है।
- शरीर और मस्तिष्क को आराम मिलता है।
- पढ़ी हुई जानकारी को व्यवस्थित करने में सहायता मिलती है।
इसके साथ:
- पौष्टिक भोजन करें।
- पर्याप्त पानी पिएँ।
- रोज़ थोड़ा व्यायाम या खेल करें।
- लंबे Study Sessions के बीच छोटे Break लें।
- परीक्षा के समय अचानक Sleeping Routine न बदलें।
स्वस्थ शरीर और शांत मन पढ़ाई की क्षमता बढ़ाते हैं।
17. Topper का Daily Routine
एक प्रभावी Daily Study System में ये सात काम शामिल किए जा सकते हैं:
- आज के एक से तीन जरूरी Tasks लिखें।
- एक कठिन Concept समझें।
- प्रश्नों का लिखकर अभ्यास करें।
- पुराना पढ़ा हुआ Revise करें।
- किताब बंद करके Self-Test दें।
- Mistake Notebook अपडेट करें।
- रात को अगले दिन की Planning करें।
हर दिन सभी काम पूरी तरह होना जरूरी नहीं है। मुख्य उद्देश्य नियमित रूप से सही दिशा में आगे बढ़ना जरुरी है।
18. Weekly Review करना न भूलें
हर सप्ताह स्वयं से ये प्रश्न पूछिए:
- मैंने इस सप्ताह क्या पूरा किया?
- कौन-सा लक्ष्य अधूरा रह गया?
- किस विषय में सुधार हुआ?
- मेरी सबसे बड़ी गलती क्या थी?
- मेरा समय कहाँ बर्बाद हुआ?
- अगले सप्ताह किस विषय को अधिक समय देना है?
- अगला Test कब देना है?
Weekly Review से योजना वास्तविक प्रगति के अनुसार बदलती रहती है।
19. परीक्षा में Answer Presentation सुधारिए
अच्छी तैयारी के साथ उत्तर को सही तरीके से प्रस्तुत करना भी जरूरी है।
परीक्षा में:
- साफ और पढ़ने योग्य लिखावट रखें।
- उत्तर Point-wise लिखें।
- Headings और Subheadings बनाएँ।
- जरूरी Keywords Underline करें।
- Diagrams साफ और Labelled बनाएँ।
- प्रश्न की माँग के अनुसार उत्तर लिखें।
- Marks के अनुसार उत्तर की लंबाई रखें।
- अंत में उत्तर जाँचने के लिए समय बचाएँ।
किसी एक कठिन प्रश्न पर बहुत अधिक समय खर्च न करें। पहले उन प्रश्नों को हल करें जिनमें आपका Confidence अच्छा है।
Topper बनने का Final Formula
Clear Goal + Smart Plan + Concept + Practice + Revision + Test + Analysis + Consistency = Top Performance
टॉपर बनने के लिए हर दिन 100 प्रतिशत Perfect होना जरूरी नहीं है।
जरूरी यह है कि आप:
- अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें।
- नियमित पढ़ाई करें।
- पढ़े हुए को दोहराएँ।
- प्रश्नों का अभ्यास करें।
- Test देकर तैयारी जाँचें।
- अपनी गलतियों को सुधारते रहें।
दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर बनने की कोशिश कीजिए।
आज का छोटा सुधार, भविष्य का बड़ा परिणाम बन सकता है।
निष्कर्ष
टॉपर बनने का कोई जादुई Shortcut नहीं है। लेकिन एक सही Study System इस यात्रा को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बना सकता है।
स्पष्ट लक्ष्य बनाइए, कठिन विषयों से भागिए नहीं, Active Recall और Revision अपनाइए, हर सप्ताह Test दीजिए और Mistake Notebook की सहायता से गलतियों को सुधारिए।
जब सही Strategy के साथ Discipline और Consistency जुड़ती है, तो सामान्य विद्यार्थी भी असाधारण प्रदर्शन कर सकता है।
आपको एक दिन में टॉपर नहीं बनना है। आपको प्रतिदिन टॉपर जैसी छोटी-छोटी आदतें अपनानी हैं।
आपका परीक्षा लक्ष्य क्या है?
Comment में लिखिए:
MY TARGET = ____% 🎯
साथ ही बताइए कि आपकी पढ़ाई की सबसे बड़ी समस्या क्या है:
- पढ़ा हुआ भूलना
- पढ़ाई में ध्यान न लगना
- Time Management
- Revision की कमी
- या परीक्षा का डर
विद्यार्थियों के लिए Study Tips, Career Guidance, Digital Skills और सफलता की उपयोगी जानकारी पाने के लिए Digital Pathshala से जुड़े रहें।
FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. क्या एक सामान्य विद्यार्थी टॉपर बन सकता है?
हाँ। स्पष्ट लक्ष्य, सही Study Plan, नियमित Question Practice, Revision और Test Analysis की मदद से सामान्य विद्यार्थी भी अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार कर सकता है।
2. टॉपर बनने के लिए प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ना चाहिए?
सभी विद्यार्थियों के लिए एक निश्चित समय सही नहीं होता। पढ़ाई की गुणवत्ता, एकाग्रता और पूरा किया गया काम घंटों की संख्या से अधिक महत्त्वपूर्ण है। अपने School और Routine के अनुसार नियमित और Focused Study Blocks बनाएँ।
3. पढ़ा हुआ लंबे समय तक कैसे याद रखें?
Concept समझकर पढ़ें, Active Recall करें, लिखकर अभ्यास करें और 1–7–30 Revision Rule अपनाएँ।
4. पढ़ाई में ध्यान कैसे लगाएँ?
फोन दूर रखें, Notifications बंद करें, पढ़ाई का स्पष्ट लक्ष्य बनाएँ और 25–5 Pomodoro Technique से शुरुआत करें।
5. कमजोर विषय को कैसे सुधारें?
कमजोरी का कारण पहचानें, Basic Concepts दोबारा पढ़ें, शिक्षक से Doubts पूछें और प्रतिदिन छोटे स्तर पर Question Practice करें।
6. क्या देर रात तक पढ़ना जरूरी है?
नहीं। उस समय पढ़ें जब आपका ध्यान अच्छा रहता हो। पर्याप्त नींद लेना याददाश्त, फोकस और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
7. Revision कितनी बार करना चाहिए?
पहला Revision एक दिन बाद, दूसरा सात दिन बाद और तीसरा तीस दिन बाद किया जा सकता है। कठिन Topics को आवश्यकता के अनुसार अधिक बार दोहराएँ।
8. Mistake Notebook क्या होती है?
यह ऐसी Notebook है जिसमें विद्यार्थी Test और Practice के दौरान हुई महत्त्वपूर्ण गलतियाँ, उनके कारण और सही समाधान लिखता है।
9. परीक्षा में अच्छे अंक कैसे प्राप्त करें?
Concept समझें, लिखकर अभ्यास करें, Previous-Year Papers हल करें, नियमित Revision करें और निर्धारित समय में Mock Tests दें।
10. Topper और सामान्य विद्यार्थी में क्या अंतर होता है?
मुख्य अंतर अक्सर आदतों और Study System में होता है। टॉपर योजना बनाता है, अपनी तैयारी जाँचता है, गलतियों का Analysis करता है और नियमित सुधार करता है जो सामान्य विद्यार्थी करते हैं।
अधिक जानकारी पाने के लिए और Step-by-Step Free में सीखने के लिए यहाँ क्लिक करें : https://vishalanuragi.in/blog/ यदि जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपना फीडबैक कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें। आपका feedback हमें और बेहतर जानकारी आप तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करता है।