“नन्हे कदम, ऊँचे विचार: 3 से 5 साल तक के बच्चों के लिए 20 प्रेरणादायक नैतिक कहानियाँ” (Little Steps, Big Thoughts: “20 inspiring moral stories for children aged 3 to 5 years old”)

20 Best Moral Stories for Kids in Hindi (Age 3-5) | बच्चों के लिए 20 नैतिक कहानियाँ

प्रस्तावना (Introduction)

“बचपन की नैतिक कहानियाँ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भविष्य की नींव होती हैं।“

क्या आप जानते हैं कि 3 से 5 साल की उम्र में बच्चे जो सुनते और देखते हैं, वही उनके चरित्र (Character) का आधार बनता है? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे ‘Smart’ तो बनें, लेकिन साथ ही वे सत्य, प्रेम, दया और बड़ों का सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों को भी समझें।

इसी उद्देश्य के साथ, मैं आपके लिए लेकर आया हूँ 20 चुनिंदा नैतिक कहानियों (Moral Stories) का विशेष संग्रह। ये कहानियाँ बहुत सरल भाषा में हैं, जिनमें हिंदी के साथसाथ आसान अंग्रेजी शब्दों का भी प्रयोग किया गया है, ताकि आपके नन्हेमुन्ने खेलखेल में जीवन के सबसे बड़े ‘Lessons’ सीख सकें।

आइए, इन छोटीछोटी नैतिक कहानियों के माध्यम से बच्चों के मन में संस्कारों के बीज बोएं।

1. नैतिक कहानी (Moral Story) लालची कुत्ता (The Greedy Dog) - संतोष (Contentment)

लालची कुत्ता (The Greedy Dog)

एक बार एक ‘Dog’ (कुत्ता) था जिसे सड़क पर एक बड़ी ‘Bone’ (हड्डी) मिल गयी । वह बहुत खुश हुआ और उसे अपने मुँह में दबाकर अपने  घर की ओर भागा। रास्ते में एक नदी थी जिसके ऊपर एक छोटा ‘Bridge’ (पुल) बना था। जब कुत्ता पुल पार कर रहा था, तो उसने नीचे पानी में अपनी परछाई (Reflection) देखी।  

उसे लगा कि पानी में कोई दूसरा कुत्ता है जिसके पास उससे भी बड़ी हड्डी है। उसके मन में ‘Greed’ (लालच) आ गया। उसने सोचा, “मैं इसकी हड्डी भी छीन लेता हूँ।” जैसे ही उसने भौंकने के लिए अपना मुँह खोला, उसकी अपनी हड्डी पानी में गिर गई। वह बेचारा भूखा रह गया और उसे अपनी गलती का एहसास हुआ।

निष्कर्ष (Conclusion):   यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “हमें जो मिला है, उसमें खुश रहना चाहिए। लालच करने से हमारे पास जो है, हम उसे भी खो देते हैं।”

Moral: लालच बुरी बला है। (Greed is a curse.)

2. नैतिक कहानी (Moral Story) कछुआ और खरगोश (The Tortoise and the Hare)

कछुआ और खरगोश (The Tortoise and the Hare)

एक खरगोश (Rabbit) को अपनी तेज़ चाल पर बहुत घमंड था। उसने एक कछुए (Tortoise) का मज़ाक उड़ाया। कछुए ने उसे एक दौड़ (Race) के लिए चुनौती दी। दौड़ शुरू हुई और खरगोश बहुत आगे निकल गया। उसने सोचा, “कछुआ तो बहुत धीरे -धीरे आ रहा है, मैं थोड़ी देर पेड़ के नीचे आराम (Rest) कर लेता हूँ।”

खरगोश जैसे ही आराम करने के लिए लेटा उसको नीद आ गयी।, लेकिन कछुआ धीरे-धीरे और बिना रुके (Slow and Steady) चलता रहा। जब खरगोश की आँख खुली, तो उसने देखा कि कछुआ फिनिश लाइन पार कर चुका था। कछुआ अपनी मेहनत और धैर्य से जीत गया।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “धीरे लेकिन लगातार काम करने वाला हमेशा जीतता है। (Slow and steady wins the race.)”

Moral: धैर्य और निरंतरता (Patience and perseverance) “

3. नैतिक कहानी (Moral Story) शेर और चूहा (The Lion and the Mouse)

शेर और चूहा (The Lion and the Mouse)

एक दिन जंगल का राजा ‘Lion’ (शेर) सो रहा था। एक नन्हा ‘Mouse’ (चूहा) आया और उसके ऊपर कूदने लगा। शेर की नींद खुल गयी और उसने चूहे को अपने पंजे में पकड़ लिया। चूहे ने विनती (Pray) की, “प्लीज मुझे छोड़ दो, शायद किसी दिन मैं आपके काम आऊँ।” शेर को दया आ गयी और  उसने चूहे को छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद, शेर एक शिकारी के ‘Net’ (जाल) में फँस गया। वह ज़ोर-ज़ोर से दहाड़ने लगा। चूहे ने उसकी आवाज़ सुनी और दौड़कर आया। उसने अपने तेज़ दाँतों से जाल काट दिया और शेर ‘Free’ (आज़ाद) हो गया। शेर ने चूहे को ‘Thank You’ कहा।

निष्कर्ष (Conclusion):  यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “कोई भी छोटा या बड़ा नहीं होता। किया गया अच्छा काम हमेशा लौटकर आता है। (Kindness is never wasted.)”

Moral: दया कभी बेकार नहीं जाती। (Kindness is never wasted.)

4.नैतिक कहानी (Moral Story) ईमानदार लकड़हारा (The Honest Woodcutter)

ईमानदार लकड़हारा (The Honest Woodcutter)

एक ‘Woodcutter’ (लकड़हारा) नदी के किनारे लकड़ी काट रहा था। अचानक उसकी ‘Axe’ (कुल्हाड़ी) नदी में गिर गई। वह दुखी होकर रोने लगा। तभी नदी से ‘Water God’ (जल देवता) प्रकट हुए। उन्होंने उसे एक सोने की कुल्हाड़ी दिखाई, पर लकड़हारे ने कहा, “No, यह मेरी कुल्हाड़ी नहीं है।”

फिर जल देवता ने चाँदी की कुल्हाड़ी दिखाई, लकड़हारे फिर मना कर दिया। अंत में, जल देवता ने लोहे की कुल्हाड़ी निकाली। लकड़हारा खुश होकर बोला, “Yes, यही मेरी कुल्हाड़ी है!” जल देवता उसकी ‘Honesty’ (ईमानदारी) से इतने खुश हुए कि उन्होंने लकड़हारे को तीनों कुल्हाड़ियाँ उपहार में दे दीं।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। (Honesty is the best policy.)”

Moral: ईमानदारी (Honesty)

5. नैतिक कहानी (Moral Story) चींटी और टिड्डा (The Ant and the Grasshopper)/- जिम्मेदारी (Responsibility)

चींटी और टिड्डा (The Ant and the Grasshopper)

गर्मी के दिनों में, एक ‘Ant’ (चींटी) बहुत मेहनत से ‘Food’ (खाना) इकट्ठा कर रही थी। वहीं एक ‘Grasshopper’ (टिड्डा) सिर्फ गाना गा रहा था और खेल रहा था। उसने चींटी से कहा, “काम छोड़ो और मेरे साथ मजे करो।” चींटी ने कहा, “मैं विंटर (Winter) के लिए खाना जमा कर रही हूँ।”

जब सर्दी आई, तो चारों तरफ बर्फ गिर गई। टिड्डे के पास खाने के लिए कुछ नहीं था और वह भूखा रहने लगा। लेकिन चींटी के पास बहुत सारा खाना था। टिड्डे को अपनी ‘Mistake’ (गलती) समझ आई कि समय पर काम करना कितना ज़रूरी है।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि आज की मेहनत कल सुख देती है। (Work hard today for a better)” tomorrow.)

Moral: भविष्य के लिए काम करना जरूरी है।(It is important to work for the future.)

6. नैतिक कहानी (Moral Story) प्यासा कौआ (The Thirsty Crow)

प्यासा कौआ (The Thirsty Crow)

एक ‘Crow’ (कौआ) बहुत प्यासा था। उसे पास में एक ‘Pot’ (घड़ा) दिखाई दिया, लेकिन उसमें पानी बहुत नीचे था। कौवे की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी। कौवे ने हार नहीं मानी। उसे पास में पड़े कुछ ‘Pebbles’ (कंकड़) दिखाई दिये।

उसने एक-एक करके कंकड़ घड़े में डालना शुरू किया। धीरे-धीरे पानी ‘Up’ (ऊपर) आ गया। कौवे ने पेट भरकर पानी पिया और उड़ गया। उसने अपनी ‘Intelligence’ (बुद्धिमानी) से अपनी जान बचाई।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “जहाँ चाह होती है, वहाँ रास्ता मिल ही जाता है। (Where there is a will, there is a way.)”

Moral: आत्मनिर्भरता & समस्या का समाधान (Self-Reliance & Problem Solving)

7. नैतिक कहानी (Moral Story) हाथी और दर्जी (The Elephant and the Tailor)

प्यासा कौआ (The Thirsty Crow)

एक ‘Elephant’ (हाथी) रोज़ नदी पर नहाने जाता था। रास्ते में एक ‘Tailor’ (दर्जी) की दुकान थी। दर्जी रोज़ हाथी को एक ‘Banana’ (केला) खिलाता था। एक दिन दर्जी को शरारत सूझी। जब हाथी ने अपनी सूँड दर्जी की तरफ बढ़ाई, तो दर्जी ने उसमें ‘Needle’ (सुई) चुभो दी।

हाथी को बहुत दर्द हुआ, पर वह चुपचाप चला गया। लौटते समय हाथी ने अपनी सूँड में गंदा पानी भर लिया और दर्जी की दुकान में  आकर छिड़क दिया]  जिससे दर्जी के सारे नए कपड़े ‘Dirty’ (गंदे) हो गए।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “हमें दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम अपने लिए चाहते हैं। (Tit for tat.)”

Moral: अहिंसा (Non-violence):   जैसा करोगे वैसा भरोगे (Responsibility for Actions)

8. नैतिक कहानी (Moral Story) - एकता में बल (The Bundle of Sticks)

प्यासा कौआ (The Thirsty Crow)

एक किसान के चार बेटे थे जो हमेशा आपस में  ‘Fight’ (लड़ाई) करते थे। किसान ने उन्हें ‘Unity’ (एकता) का पाठ पढ़ाने के लिए लकड़ियों का एक ‘Bundle’ (गट्ठर) दिया और उसे तोड़ने को कहा। कोई भी उसे नहीं तोड़ सका।

फिर किसान ने गट्ठर खोल दिया और एक-एक लकड़ी दी। बेटों ने उसे आसानी से तोड़ दिया। किसान ने समझाया, “जब तक तुम साथ हो, कोई तुम्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता। अगर अलग हुए तो टूट जाओगे।”

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “साथ रहने ( एकता ) में ही असली शक्ति है। (Unity is strength.)”

Moralएकता (Unity)

9. नैतिक कहानी (Moral Story) -सच्चा दोस्त (The Apple Tree and the Boy)

प्यासा कौआ (The Thirsty Crow)

एक ‘Apple Tree’ (सेब का पेड़) और एक लड़का अच्छे दोस्त थे। लड़का पेड़ के साथ खेलता और उसके फल खाता। जब लड़का बड़ा हुआ, तो उसे पैसे चाहिए थे। पेड़ ने कहा, “मेरे फल बेच दो।” बाद में घर बनाने के लिए पेड़ ने अपनी ‘Branches’ (टहनियाँ) दे दीं।

अंत में जब पेड़ सिर्फ एक ठूँठ रह गया और लड़का बूढ़ा हो गया, तो पेड़ ने उसे बैठने के लिए जगह दी। पेड़ ने हमेशा ‘Selfless’ (निस्वार्थ) होकर दिया और कभी कुछ नहीं माँगा।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करना ही सच्ची मानवता है। (Selfless service brings joy.)”

Moral: निस्वार्थ सेवा (Selfless Service)  निस्वार्थ प्रेम ही सच्चा प्रेम है। (Selfless love is true love.)

10. नैतिक कहानी (Moral Story) -तिरंगे का सम्मान (Respect for the Flag)

तिरंगे का सम्मान (Respect for the Flag)

एक छोटा बच्चा ‘Aryan’ अपने स्कूल के मैदान में खेल रहा था। उसने देखा कि हवा से छोटा ‘National Flag’ (तिरंगा) ज़मीन पर गिर गया है। आर्यन खेल छोड़कर भागा और झंडे को उठाकर उसे साफ़ किया।

उसने झंडे को एक ऊँची और सुरक्षित जगह पर रखा और उसे ‘Salute’ (सलाम) किया। उसके टीचर ने यह देखा और सबको बताया कि अपने देश के प्रतीकों का सम्मान करना हमारी ‘Responsibility’ (ज़म्मेदारी) है।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “हमें अपने देश और उसके मान-सम्मान पर गर्व होना चाहिए। (Love and respect your country.)”

Moral : देशभक्ति (Patriotism)

11. नैतिक कहानी (Moral Story) -दो बकरियाँ (The Two Goats)

दो बकरियाँ (The Two Goats)

एक बार दो ‘Goats’ (बकरियाँ) एक बहुत ही संकरे ‘Bridge’ (पुल) पर आमने-सामने आ गईं। पुल इतना संकरा था कि एक बार में एक ही बकरी निकल सकती थी। दोनों बकरियाँ घमंडी थीं और पीछे हटने को तैयार नहीं थीं। वे आपस में ‘Fight’ (लड़ाई) करने लगीं और दोनों नदी में गिर गईं।

कुछ दिनों बाद, दो और बकरियाँ उसी पुल पर मिलीं। लेकिन वे ‘Wise’ (बुद्धिमान) थीं। एक बकरी चुपचाप पुल पर ‘Sit Down’ (बैठ गई) और दूसरी उसके ऊपर से सावधानी से निकल गई। फिर पहली बकरी उठी और और उसने भी आसानी से पुल पार कर लिया और दोनों सुरक्षित अपने-2 घर पहुंच गई।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “झगड़ा करने से नुकसान होता है, जबकि मिलजुलकर काम करने से सबका फायदा होता है। (Cooperation is better than conflict.)”

Moral: समझौता और सहयोग (Agreement and cooperation)

12. नैतिक कहानी (Moral Story) -बुरा मत करो (The Elephant and the Ants):

बुरा मत करो (The Elephant and the Ants)

एक बहुत बड़ा ‘Elephant’ (हाथी) था जिसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड था। वह छोटे जानवरों को परेशान करता था। एक दिन उसने ‘Ants’ (चींटियों) के घर में पानी डाल दिया। चींटियाँ बहुत दुखी हुईं। एक नन्ही चींटी ने हाथी को ‘Lesson’ (सबक) सिखाने की सोची।

वह चुपके से हाथी की ‘Trunk’ (सूँड) में घुस गई और उसे काटने लगी। हाथी दर्द से चिल्लाने लगा और ‘Sorry’ बोला। चींटी ने कहा, “जैसे आज आपको दर्द हो रहा है, वैसे ही दूसरों को भी होता है।” हाथी ने वादा किया कि वह अब किसी को चोट नहीं पहुँचाएगा।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “हमें कभी अपनी ताकत का इस्तेमाल दूसरों को डराने के लिए नहीं करना चाहिए। (Never bully others.)”

Moral: अहिंसा और दया (Non-violence)

13.नैतिक कहानी (Moral Story)- सोनू का सच (Sonu’s Truth):

सोनू का सच (Sonu’s Truth)

सोनू अपने ‘Living Room’ में गेंद से खेल रहा था। अचानक गेंद एक कीमती ‘Vase’ (गुलदस्ता) पर लगी और वह टूट गया। सोनू बहुत डर गया। जब उसकी ‘Mother’ आई, तो उसने सोचा कि झूठ बोल दूँ कि बिल्ली ने इसे तोड़ा है।

लेकिन सोनू को अपनी नानी की बात याद आई कि ‘Truth’ (सच) बोलना बहादुरी है। उसने माँ से कहा, “Mamma, यह गुलदस्ता मुझसे टूटा है, मुझे माफ़ कर दीजिए।” माँ ने उसे डाँटा नहीं, बल्कि सच बोलने के लिए उसे ‘Hug’ (गले) लगा लिया।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “सच बोलने से मन हल्का रहता है और लोग आप पर भरोसा करते हैं। (Always tell the truth.)”

Moral: सत्य (Truthfulness)

14. नैतिक कहानी (Moral Story) -नन्ही गिलहरी की मदद (The Little Squirrel)

नन्ही गिलहरी की मदद (The Little Squirrel)

एक बार जंगल में बहुत तेज़ ‘Rain’ (बारिश) हुई और एक छोटे पक्षी का घोंसला गिर गया। सब बड़े जानवर देख रहे थे, पर कोई मदद नहीं कर रहा था। एक नन्ही ‘Squirrel’ (गिलहरी) आई और उसने धीरे-धीरे तिनके और पत्ते लाकर पक्षी के लिए नया घर बनाने में मदद की।

गिलहरी बहुत छोटी थी, पर उसका ‘Heart’ (दिल) बहुत बड़ा था। उसने बिना किसी लालच के पक्षी की मदद की। पक्षी ने उसे बहुत दुआएँ दीं।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “मदद करने के लिए बड़ा होना ज़रूरी नहीं, बस दयालु होना ज़रूरी है। (No act of kindness is too small.)”

Moral: निस्वार्थ सेवा (Selfless Service)

15. नैतिक कहानी (Moral Story) -दादाजी की छड़ी (Grandpa’s Walking Stick)

दादाजी की छड़ी (Grandpa’s Walking Stick)

रिया के ‘Grandfather’ (दादाजी) बहुत बूढ़े थे और उन्हें चलने में दिक्कत होती थी। एक दिन उनकी ‘Stick’ (छड़ी) कहीं खो गई। रिया ने अपना ‘Toy’ (खिलौना) छोड़ दिया और पूरे घर में छड़ी ढूँढने लगी।

जब उसे छड़ी मिली, तो वह दौड़कर दादाजी के पास गई। दादाजी बहुत खुश हुए और उन्होंने रिया को ढेर सारा ‘Love’ (प्यार) और आशीर्वाद ‘Blessings’ दिया। रिया ने सीखा कि बड़ों की ज़रूरत समझना ही असली सम्मान है।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “हमें अपने दादा-दादी और बड़ों का ख्याल रखना चाहिए। (Respect and care for your elders.)”

Moral: बड़ों का सम्मान (Respect for Elders)

16. नैतिक कहानी (Moral Story) -सबकी समान जीत (The Race for Equality)

सबकी समान जीत (The Race for Equality)

एक स्कूल में दौड़ की प्रतियोगिता थी। एक बच्चा ‘Rahul’ थोड़ा धीरे दौड़ पा रहा था क्योंकि उसके पैर में चोट थी। उसके दोस्त श्याम ने देखा कि राहुल पीछे रह गया है। श्याम जीत सकता था, पर वह रुका और राहुल का हाथ पकड़ लिया।

वे दोनों एक साथ ‘Finish Line’ तक पहुँचे। टीचर ने कहा कि आज दोनों जीते हैं क्योंकि उन्होंने ‘Friendship’ (दोस्ती) और ‘Equality’ (बराबरी) को जीत से ऊपर रखा।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “सबको साथ लेकर चलना ही सच्ची मानवता है। (Everyone deserves equal respect and love.)”

Moral: मानवता और समानता (Humanity and equality)

17. नैतिक कहानी (Moral Story) -जिम्मेदार बिट्टू (Responsible Bittu)

जिम्मेदार बिट्टू (Responsible Bittu)

बिट्टू को उसके जन्मदिन पर एक ‘Small Plant’ (छोटा पौधा) मिला। उसके पिता ने कहा, “बिट्टू, इसकी देखभाल तुम्हारी ‘Duty’ (ज़म्मेदारी) है।” बिट्टू रोज़ उसे ‘Water’ (पानी) देता और उसे सूरज की रोशनी में रखता।

एक दिन बिट्टू खेलने में इतना मशगूल हो गया कि पानी देना भूल गया। अगले दिन पौधा मुरझा गया। बिट्टू को बहुत दुख हुआ। उसने तुरंत पानी दिया और तब से उसने कभी अपनी ज़िम्मेदारी नहीं छोड़ी।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “अपनी चीज़ों और कर्तव्यों का ध्यान रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। (Be responsible for your actions.)”

Moral: जिम्मेदारी (Responsibility)

18. नैतिक कहानी (Moral Story) -देश हमारा घर (Country is our Home)

देश हमारा घर (Country is our Home)

नन्हे ‘Ali’ को चॉकलेट खाना बहुत पसंद था। एक दिन उसने ‘Park’ में चॉकलेट खाई और उसका ‘Wrapper’ (कागज) ज़मीन पर फेंक दिया। उसकी बड़ी बहन ने कहा, “अली, यह पार्क हमारे देश का हिस्सा है और देश हमारा घर है। क्या तुम घर गंदा रखते हो?”

अली को समझ आ गया। उसने तुरंत कचरा उठाकर ‘Dustbin’ में डाला। उसने सीखा कि अपने आस-पास को साफ रखना भी ‘Patriotism’ (देशभक्ति) है।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि”अपने देश को साफ और सुंदर रखना ही सच्ची देशभक्ति है। (Cleanliness is the first step to love your country.)”

Moral: देशभक्ति और स्वच्छता (Patriotism & Cleanliness)

19. नैतिक कहानी (Moral Story) -लालची बंदर (The Greedy Monkey)

लालची बंदर (The Greedy Monkey)

एक ‘Monkey’ (बंदर) को एक मटका मिला जिसमें बहुत सारे ‘Peanuts’ (मूँगफली) थे। मटके का मुँह बहुत छोटा था। बंदर ने मुट्ठी भरकर मूँगफली पकड़ी, लेकिन उसका हाथ बाहर नहीं निकल पा रहा था।

अगर वह थोड़ी मूँगफली छोड़ देता, तो हाथ बाहर आ जाता। पर ‘Greed’ (लालच) की वजह से उसने मुट्ठी नहीं खोली और शिकारी ने उसे पकड़ लिया।

निष्कर्ष (Conclusion):यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि “बहुत अधिक लालच करने से हम मुसीबत में फँस सकते हैं। (Too much greed leads to trouble.)”

Moral: लोभ का त्याग (Giving up Greed)

20. नैतिक कहानी (Moral Story) -साझा खुशी (The Magic of Sharing)

साझा खुशी (The Magic of Sharing)

Mona’ के पास बहुत सारी ‘Color Pencils’ थीं, जबकि उसकी दोस्त ‘Sara’ के पास रंग नहीं थे। सारा दुखी बैठी थी। मोना ने अपनी आधी पेंसिल सारा को दे दी। दोनों ने मिलकर एक बहुत ही ‘Beautiful Picture’ बनाई।

मोना ने देखा कि अकेले रंगने से ज़्यादा मज़ा ‘Sharing’ (बाँटने) में आया। दोनों की दोस्ती और गहरी हो गई।

निष्कर्ष (Conclusion): यह नैतिक कहानी हमें शिक्षा देती है कि  “खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं। (Sharing is caring and brings joy.)”

Moral: प्रेम और साझा करना (Love and Sharing

निष्कर्ष (Conclusion):

प्यारे माता-पिता और शिक्षक,

बच्चे उस कोमल मिट्टी की तरह होते हैं जिन्हें हम जैसा चाहें वैसा आकार दे सकते हैं। ये 20 नैतिक कहानियाँ केवल शब्द नहीं हैं, बल्कि वे मूल्य (Values) हैं जो आपके बच्चे को एक बेहतर इंसान बनाएंगे। जब आप रात को सोते समय या फुर्सत के पलों में उन्हें ये कहानियाँ सुनाएंगे, तो न केवल उनका शब्दकोश (Vocabulary) बढ़ेगा, बल्कि आपके और उनके बीच का रिश्ता भी और मजबूत होगा।

याद रखिए, एक अच्छी कहानी बच्चे के मन पर वह असर छोड़ती है जो हज़ारों उपदेश नहीं कर पाते। तो चलिए, आज से ही रोज़ एक कहानी सुनाने का नियम बनाएं और देखें कि कैसे आपके बच्चे के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आता है।

हमें कमेंट में ज़रूर बताएं: इनमें से कौन सी कहानी आपके बच्चे को सबसे ज़्यादा पसंद आई? या आपके पास भी कोई ऐसी कहानी है जिसने आपके बचपन को बदला हो? हमें लिखकर ज़रूर भेजें!

जुड़े रहें, सीखते रहें!

 “अगर आपको यह संग्रह पसंद आया, तो इसे अन्य माता-पिता के साथ ज़रूर शेयर करें!”

 “ऐसी ही और कहानियों और पेरेंटिंग टिप्स के लिए हमारी Website – vishalanuragi.in (digital pathshala in hindi ) पर विजिट कीजिए।।” 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top